बलिराम
सिंह, नई दिल्ली
जीवों से प्रेम की अनूठी मिसाल हैं बलजीत। बलजीत ने 31 साल गाय की सेवा की
और उसकी मृत्यु पर 41 गांवों के लोगों को भोज कराया। साथ ही भोज से पहले गांव में
कलश यात्रा भी निकाली गई और सत्संग हुआ। इसके अलावा बलजीत ने गाय के लिए जयपुर से 1.20
लाख रुपए की लागत से गाय की प्रतिमा बनवाकर उसे गांव के मंदिर में स्थापित किया
गया। रेवाड़ी के धामलावास निवासी बलजीत ने 31 साल पहले वर्ष 1985 में तीन साल की बछिया
को खरीदकर लाया था और उसे बेटी की तरह
पाला। बड़ी हुई तो उसकी सेवा मां की तरह की।
हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल
हुए और इसे मानवता और इंसानियत की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि इससे सभी को प्रेरणा
लेनी चाहिए। बलजीत ने गाय को बेटी की तरह पाला और बड़ी हुई तो मां की तरह सेवा की। बलजीत
ने बताया कि गाय ने सदैव दूध के माध्यम से मुखिया की तरह हमारे परिवार का लालन पोषण
करती रही। 31 साल की पूरी उम्र होने पर वह दुनिया से विदा हो गईं। वह चार बछिया छोड़कर
गई है। उससे हमारा रिश्ता गाय नहीं, मां की तरह था। इसलिए उसके सम्मान में सोमवार को
41 गांवों के ग्रामीण भंडारे में पहुंचे। इससे पहले गांव में कलश यात्रा निकाली गई
और सत्संग का आयोजन हुआ। एक लाख 20 हजार रुपए की गाय की प्रतिमा भी मंदिर में स्थापित
की गई, जिसका अनावरण राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया।

जीवों से प्यार करो
ReplyDeleteकाश इंसानों में भी ऐसा लगाव हो, बहुत मार्मिक व्यथा है।
ReplyDeleteगुप्ता जी, आपने सही कहा, इंसानों में सदभाव की बेहद जरूरत है
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