बलिराम सिंह, नई दिल्ली
मां गंगा की अविरलता, निर्मलता और भव्यवता को बनाए रखने के लिए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में गंगा संस्थान खोला जाएगा। यह संस्थान गंगा की अविरलात, निर्मलता और भव्यता के साथ ही रोजगार एवं प्रबंधन की दिशा में कार्य करेगा। बता दें कि सौ साल पहले मां गंगा की अवरिलता और निर्मलता के लिए महामना मालवीय ने अलख जगाई थी। इसलिए संस्थान का नाम मालवीय गंगा एवं जल संसाधन प्रबंधन शोध संस्थान रखा जाएगा।
संस्थान की स्थापना को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति भी गंभीर हैं, क्योंकि वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी गंगा को निर्मल बनाने के प्रति गंभीर हैं। संस्थान के निर्माण के लिए एक बार फिर आम जनता से सहयोग लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.गिरीश चन्द्र त्रिपाठी के मुताबिक गंगा की अस्मिता और निर्मलता के लिए विश्वविद्यालय भी अपने सक्रिय योगदान के लिए तैयार है। संस्थान में गंगा की जीवनधारा से जुड़े शोध किए जाएंगे। यहां पर विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, समाजशास्त्र, कला, संस्कृति, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, नैनो तकनीक इत्यादि विषयों पर शोध किए जाएंगे।