Sunday, August 23, 2015

श्रीलंकाई पर्यटकों से गुलजार हुआ सारनाथ




वाराणसी-
विश्व प्रसिद्ध सारनाथ में एक बार फिर श्रीलंकाई पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगभग तीन वर्ष पूर्व बोधगया के बोधिमंदिर में हुए सीिरयल बम ब्लास्ट के बाद श्रीलंकाई पर्यटकों की संख्या कम हो गई थी।  लेकिन अब एक बार फिर पर्यटकों की संख्या में वृिद्ध हो रही है। इन दिनों सारनाथ में चारों ओर श्रीलंकाई पर्यटकों को देखा जा सकता है। यहां के होटल, लॉज में सर्वािधक श्रीलंकाई पर्यटकों की संख्या है। इन धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने का पर्यटकों पर सकारात्मक असर पड़ा है।

Wednesday, March 4, 2015

मात्र 1360 रुपए में करें वाराणसी से काठमांडू तक बस यात्रा


12 घंटे में पहुंचे सारनाथ से काठमांडु

वाराणसी -
 उप्र से नेपाल की राजधानी काठमांठू को सीधी बस सेवा से जोड़ दिया गया है। बुधवार को नेपाल के लिए चलने वाली मैत्री बस सेवा को उप्र के मुख््यमंत्री अखिलेश यादव ने हरी झंडी दिखायी। प्रतिदिन चलने वाली वाराणसी-काठमांडू बस सेवा का किराया 1360 रूपये है। रखा गया है। करीब 12 घंटे में 604 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान बस आजमगढ़ होते हुए गोरखपुर से सोनौली सीमा से नेपाल में प्रवेश करेगी। बस सेवा के टिकट ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं।
      उप्र परिवहन के नोडल अधिकारी पीके बोस ने कहा कि शुरूआती दिन इस बस में जो भी यात्रा करेंगे उन्हें किराए में 30 फीसदी की छूट मिलेगी। इसके साथ ही उन्हें मिठाई का एक डिब्बा और बनारसी सिल्क का परिधान भी उपहार में दिया जाएगा। 31 मार्च तक इस बस में यात्रा करने वालों को 10 फीसदी का डिस्काउंट मिलेगा और एक अप्रैल से पूरा किराया वसूला जाएगा।

Monday, January 19, 2015

सफर के दौरान रेलयात्री दर्ज कराएंगे शिकायत ----- -कोंकण क्षेत्र में पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू, टोल फ्री नंबर 18002665725 जारी

बलिराम सिंह, नई दिल्ली
अब आप रेल में यात्रा करते हुए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इस बाबत रेलवे बकायदा टोल फ्री नंबर जारी करने जा रहा है। पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर रेलवे इसे पश्चिमी दिल्ली के कोंकण रेलवे क्षेत्र में शुरू कर चुका है।
पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इस योजना को देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सफर के दौरान ही मुसाफिर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। टोल फ्री नंबर 24 घंटे लागू रहेगा।
आवाज होगी रिकार्ड-

शिकायत दर्ज कराने के दौरान आपकी दुखभरी आवाज भी दर्ज की जाएगी और शिकायतकत्र्ता की शिकायत दूर करने के बाद उसे एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी। बता दें कि यह योजना कोंकण रेलवे क्षेत्र में 11 जनवरी को शुरू की गई है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002665725 निर्धारित किया गया है।

Tuesday, January 13, 2015

बौद्ध महोत्सव में विदेशी कलाकारों सहित बालीवुड भी उतरेगा --- -बोध गया में 22 जनवरी से तीन दिवसीय आयोजन

http://www.buddhadarshan.com/
बलिराम सिंह

बोध गया में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव 2015 में इस बार विदेशी कलाकारों के साथ बालीवुड के दिग्गज भी उतरेंगे। तीन दिवसीय महोत्सव में रंगारंग, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन 22 जनवरी को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी करेंगे।
बौद्ध महोत्सव में 23 जनवरी को महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। गया जिला स्थापना के 150 वीं वर्षगाठ के अवर पर इस साल बौद्ध महोत्सव का आयोजन काफी धूमधाम से किया जाएगा। बौद्ध महोत्सव के अवसर पर ग्राम श्री मेला, पुस्तक मेला, व्यंजन मेला, डिजलीलैंड एवं विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
दस देशों के कलाकार करेंगे हिस्सेदारी-
महोत्सव में इस बार 10 देशों के अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के अलावा राष्ट्रीय स्तर के गायक अलका याज्ञनिक, मो.तलत अजीत, तृप्ति साख्या सहित कई कलाकार भाग लेंगे।
ऑनालइन कर सकते हैं डोनेशन-
बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन 22 जनवरी की सायं मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी करेंगे। इस वर्ष बौद्ध महोत्सव के लिए बोधगया की नई वेबसाईट बनायी गई है। अब आप ऑन लाईन डोनेशन भी कर सकते हैं। इस बार विभिन्न प्रकार के सोवेनियर तैयार किये गये हैं। उदाहरणस्वरूप बोधगया का कलैण्डर, पॉकेट कलेण्डर, बुक मार्क, कॉफी मग, टीशर्ट आदि शामिल है।

Saturday, January 10, 2015

सम्राट अशोक की लाट को शीशे से किया गया संरक्षित


बलिराम सिंह, नई दिल्ली

राष्ट्रीय धरोहर सम्राट अशोक की लाट को अब शीशे से संरक्षित किया जाएगा। सम्राट अशोक की ऐतिहासिक व इस राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण की कवायद पूरी कर ली गई है। काशी के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल और बौद्ध अनुयायियों के आस्था के केन्द्र सारनाथ में रखे गए इस लाट के चारों ओर शीशा लगाया गया है।
चूंकि अब तक खुले में रहने की वजह से इस ऐतिहासिक धरोहर पर मौसम की मार का प्रतिकूल असर पड़ रहा था। इसके चलते लाट पर कई जगह दरारें झलकने लगी थीं। कई बार पर्यटक अपने हाथों से इसे छूते थे। परिणामस्वरूप लाट पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। अत: पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित करने के लिए चारो ओर शीशा लगाया।
बता दें कि लगभग 250 ईसवी पूर्व सम्राट अशोक ने लगभग सवा 15 मीटर ऊंची इस लाट का निर्माण करवाया था। हालांकि बाद में यह यह स्तंभ पांच खंडों में विभक्त हो गया। ये सभी पांचों टुकड़े सारनाथ खंडहर में सुरक्षित हैं। इसी लाट के शीर्ष पर हमारे देश का राष्ट्रीय चिन्ह सिंह विराजमान था। फिलहाल राष्ट्रीय चिन्ह् को सारनाथ संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है।

Thursday, January 1, 2015

मां गंगा की निर्मलता के लिए खुलेगा मालवीय शोध संस्थान

बलिराम सिंह, नई दिल्ली
मां गंगा की अविरलता, निर्मलता और भव्यवता को बनाए रखने के लिए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में गंगा संस्थान खोला जाएगा। यह संस्थान गंगा की अविरलात, निर्मलता और भव्यता के साथ ही रोजगार एवं प्रबंधन की दिशा में कार्य करेगा। बता दें कि सौ साल पहले मां गंगा की अवरिलता और निर्मलता के लिए महामना मालवीय ने अलख जगाई थी। इसलिए संस्थान का नाम मालवीय गंगा एवं जल संसाधन प्रबंधन शोध संस्थान रखा जाएगा।
संस्थान की स्थापना को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति भी गंभीर हैं, क्योंकि वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी गंगा को निर्मल बनाने के प्रति गंभीर हैं। संस्थान के निर्माण के लिए एक बार फिर आम जनता से सहयोग लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.गिरीश चन्द्र त्रिपाठी के मुताबिक गंगा की अस्मिता और निर्मलता के लिए विश्वविद्यालय भी अपने सक्रिय योगदान के लिए तैयार है। संस्थान में गंगा की जीवनधारा से जुड़े शोध किए जाएंगे। यहां पर विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, समाजशास्त्र, कला, संस्कृति, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, नैनो तकनीक इत्यादि विषयों पर शोध किए जाएंगे।