बलिराम सिंह, नई दिल्ली
राष्ट्रीय धरोहर सम्राट अशोक की लाट को अब शीशे से संरक्षित किया जाएगा। सम्राट अशोक की ऐतिहासिक व इस राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण की कवायद पूरी कर ली गई है। काशी के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल और बौद्ध अनुयायियों के आस्था के केन्द्र सारनाथ में रखे गए इस लाट के चारों ओर शीशा लगाया गया है।
चूंकि अब तक खुले में रहने की वजह से इस ऐतिहासिक धरोहर पर मौसम की मार का प्रतिकूल असर पड़ रहा था। इसके चलते लाट पर कई जगह दरारें झलकने लगी थीं। कई बार पर्यटक अपने हाथों से इसे छूते थे। परिणामस्वरूप लाट पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। अत: पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित करने के लिए चारो ओर शीशा लगाया।
बता दें कि लगभग 250 ईसवी पूर्व सम्राट अशोक ने लगभग सवा 15 मीटर ऊंची इस लाट का निर्माण करवाया था। हालांकि बाद में यह यह स्तंभ पांच खंडों में विभक्त हो गया। ये सभी पांचों टुकड़े सारनाथ खंडहर में सुरक्षित हैं। इसी लाट के शीर्ष पर हमारे देश का राष्ट्रीय चिन्ह सिंह विराजमान था। फिलहाल राष्ट्रीय चिन्ह् को सारनाथ संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है।
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