बलिराम सिंह, नई दिल्ली
यदि
आपके दिल में सेवाभाव है और दूसरों के जीवन में उजाला लाना चाहते हैं तो इसके लिए
आप दिल्ली मेडिकल ऐसाेसिएशन के अध्यक्ष डॉ.राकेश गुप्ता के परिवार से नसीहत ले
सकते हैं। डॉ.राकेश गुप्ता के परिवार के एक, दो सदस्य नहीं बल्कि पूरे 38 सदस्यों
ने अंगदान के लिए शपथ लिया है और इसके लिए बकायदा आवेदन फाॅर्म भरा है कि यदि किसी
दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो जाती है अथवा ब्रेन डेड कर जाते हैं तो जरूरतमंद
मरीजों के जीवन में उजाला लाने के लिए उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों का सदुपयोग
कर लिया जाए।
डॉ.राकेश
गुप्ता को अंगदान की यह प्रेरणा उनकी माता जी भगवती देवी से मिली। भगवती देवी का निधन
29 जून 2009 में हुई, लेकिन उन्होंने अपना नेत्रदान किया और दो लोगों के जीवन में
उजाला लाया। माताजी की इस प्रेरणादायी कार्य का सर्वाधिक असर डॉ.राकेश गुप्ता की
बिटिया साक्षी गुप्ता पर पड़ा। साक्षी गुप्ता फिलहाल वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज
से एमबीबीएस कर रही हैं। अपनी दादी जी के सपने को साकार करने के लिए साक्षी ने
अपने परिवार के सभी सदस्यों काे अंग दान के लिए प्रेरित किया। साक्षी कहती हैं कि
सामाज के लिए हमारी भी नैतिक जिम्मेदारी है। यदि हम अंगदान के लिए आगे आए तो
जरूरतमंदों को जीवन में उजाला आ जाएगा।
नर सेवा, नारायण सेवा-
डॉ.राकेश
गुप्ता कहते हैं कि वास्तव में नर सेवा ही नारायण सेवा है। हमारा शरीर बहुत
बहुमूल्य है, मृत्यु के बाद भी मानव सेवा के लिए हम इसका सदुपयोग कर सकते हैं। डॉ.गुप्ता
कहते हैं कि एक व्यक्ति अपने शरीर के दान से 20 लोगों के जीवन में उजाला ला सकता
है।
भरा-पूरा परिवार-
डॉ.राकेश गुप्ता का परिवार
काफी लंबा है। डॉ.गुप्ता चार भाई और दो बहन हैं। सभी भाइयों और बहनों तथा उनके
बच्चों ने अंगदान के लिए फार्म भरा है। डॉ.गुप्ता की माताजी भगवती देवी के अलावा
उनकी बड़ी बहन विमला के पति ओमप्रकाश भी नेत्र दान कर चुके हैं। डॉ.गुप्ता एक
आर्थोपेडिक सर्जन हैं और उनकी पत्नी डॉ.रजनी गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ। इसके
अलावा परिवार के अधिकांश सदस्य उच्च शिक्षा प्राप्त हैं।
इन्होंने लिया अंगदान करने का प्रण-
1.बड़ी बहन विमला देवी –
-दामाद अतुल-बेटी
भारती-इनके दो बच्चे अक्षित और आशिमा,
-बेटा अरविंद-बहू
अंजू-इनका बेटा अभिषेक
2.बड़े भाई प्रेम नारायण गुप्ता-भाभी सरला देवी
-बेटा प्रदीप-बहू रिंकू
-बेटा अमित-बहू ज्योति
-दामाद अनुज-बेटी अन्नू
3.बड़े भाई नरेश कुमार गुप्ता-भाभी मंजू गुप्ता
बेटी मीनू और निधि, बेटा
जतिन
4.बड़े भाई विनेश गुप्ता- भाभी शिखा-
-दामाद पुनीत-बेटी शिल्पी
-बेटा अक्षय-बहू श्रुति
5.बड़ी बहन सुनीता-बहनोई सतीश-
-दामाद संदीप-बेटी रुचि
-बेटा रोहित-बहू नेहा
6.डॉ.राकेश कुमार गुप्ता और डॉ.रजनी गुप्ता-
-बेटा अनुज-बहू नेहा
-बेटी
साक्षी
देश में अंगदान की जरूरत-
सलाना किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत-
एक से दो लाख
दानदाताओं
की कमी की वजह से केवल 10 हजार लोगों को ही मिल पाती है किडनी
सलाना लीवर ट्रांसप्लांट की
जरूरत-लगभग 60 हजार
दानदाताओं
की कमी की वजह से 5 हजार मरीजों को ही मिलता है लीवर
सलाना नेत्र की जरूरत- 50 हजार के
करीब
दानदाताओं
के अभाव में केवल 20 हजार लोगों को ही मिलपाती है कार्निया

