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Tuesday, August 9, 2016

महापरिनिर्वाण के बाद बुद्ध की अस्थियां



भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनकी अस्थियों पर आधारित यह कविता 
नई दिल्ली-

बुद्ध की अस्थियां
महापरिनिर्वाण के बाद
आठ भागों में बंटी बुद्ध की अस्थियां
एक हिस्सा मिला मगध सम्राट अजातशत्रु को
बाकी हिस्सों की भी ऐसी ही कहानी होगी
सम्राटों, शिष्यों, भिक्षुओं
और फिर काल को हस्तगत हुआ
राख होने से बचा
बुद्ध का शरीर
कोई एक हिस्सा है बुद्ध का
न ग्रंथों के हाथ आया, न शिष्यों के
न धर्म को वह मिला, न विहारों को, न चैत्यों को
जर्जर हो गई पांडुलिपियों में वह नहीं पाया जाता
वेणुवन से लेकर गृद्धकूट तक
और बामियान से लेकर अमरावती तक
खंडित, अद्र्धखंडित, पूर्ण किसी प्रतिमा में भी नहीं
न जातक में, न अजंता की चित्र-वीथी में,
न पिटक में, न कथा में, न श्रुतियों में...
बुद्ध के उसी अनश्वर
उसी भास्वर
शेष अस्तित्व को खोजती
कोई यात्रा पृथ्वी पर
अब भी है!
अब भी है!!
(साभार- आलोक श्रीवास्तव)