-मरीजों के रहने, खाने-पीने व छोटे-मोटे खर्च का भी होता है
इंतजाम
बलिराम सिंह, नई दिल्ली
जैसे ही आप बिहार के सांसद
पप्पू यादव का नाम सुनते हैं, आपके मन में एक बाहुबली सांसद की छवि कौंधती है,
लेकिन इस रॉबिनहुड स्टाईल वाले सांसद का एक रूप यह भी है। इसके लिए आपको इस सांसद
के निवास पर आना होगा, जहां पर 300 मरीज और उनके परिजन ठहरे हुए हैं। अनेक
नकारात्मक खबरों के बावजूद जनता इस सांसद को भारी वोटों से जीताकर भारत के लोकतंत्र
के मंदिर ‘संसद’ में बार-बार भेज रही है।
बिहार से बाहर के बहुत कम
लोगों को मालूम होगा कि सांसद पप्पू यादव ऊर्फ राजेश रंजन अपने आवास में पिछले कई
वर्षों से ‘सेवाश्रम’ चला रहे हैं। यहां पर सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा सहित उत्तर
बिहार से काफी तादाद में मरीज और उनके परिजन ठहरे हुए हैं, जिन्हें मुफ्त में भोजन
और ठहरने का इंतजाम किया जाता है। यदि ऐसे इंतजाम देश के हर सांसद करने लगें तो
आर्थिक तौर से काफी कमजोर मरीजों की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
रोजाना बनते हैं 50 मरीजों के ओपीडी कार्ड-
सदैव सुर्खियों में रहने
वाले राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव का मानव सेवा का एक रूप यह भी है, जो नई दिल्ली
के 11-ए, बलवंत राय मेहता लेन स्थित सांसद निवास में आने पर दिखता है। सांसद पप्पू
यादव कहते हैं कि हमारा स्टाफ रोजाना लगभग 50 मरीजों का ओपीडी कार्ड बनवाता है और
उन्हें इलाज के लिए एम्स, सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों में लेकर जाता है। इस बाबत सेवाश्रम
में बकायदा 3 स्टाफ रखे गए हैं, जो केवल मरीजों के इलाज में सहयोग करते हैं। इसके
अलावा दो स्टाफ पूर्णिया, दो स्टाफ मधेपुरा और 2 स्टाफ पटना में हैं, जो मरीजों को
पूर्णिया, मधेपुरा से दिल्ली-पटना जाने का इंतजाम करते हैं। सांसद पप्पू यादव कहते
हैं कि केवल दिल्ली में चल रहे सेवाश्रम में मरीजों के निवास और खान-पान व
छोटी-मोटी खर्च पर लगभग 12 हजार रुपए रोजाना खर्च होते हैं, इसके अलावा पटना और
पूर्णियां में भी मरीजों के इलाज कार्य पर काफी खर्च होता है। यह राशि हमें लोगों
के सहयोग से मिलती है। इसके अलावा हमारे घर से अनाज आ जाता है।
‘सेवाश्रम’ में ठहरे कुछ मरीजों की स्थिति-
केस नंबर 1.
बिहार के मधेपुरा निवास
मनोज कुमार (45) की किडनी फेल हो गई है। मनोज कुमार पिछले सात महीने से अखिल
भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे हैं। अब उनकी पत्नी बेबी
कुमारी किडनी दान करेंगी। इलाज पर पूरा खर्च लगभग सवा सात लाख रुपए खर्च होंगे।
लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से मनोज कुमार को तीन लाख रुपए का अार्थिक सहयोग मिल
गया है। फिलहाल मनोज कुमार मधेपुरा से सांसद व जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू
यादव के निवास पर खोले गए सेवाश्रम में पिछले सात महीने से रह रहे हैं।
केस नंबर 2.
इसी तरह सुपौल जिला के
चंद्रदेव कुमार जून 2015 में बाइक से फिसल गए। बिहार में डॉक्टर की गलत सर्जरी की
वजह से चंद्रदेव कुमार के दोनों पांव काम करना बंद कर दिए। फिलहाल चंद्रदेव कुमार
का इलाज एम्स में चल रहा है। चंद्रदेव कुमार भी अपने परिजनों के साथ सांसद पप्पू
यादव के सेवाश्रम में निवास कर रहे हैं।
केस नंबर 3.
सुपौल जिला के निवासी 9
वर्षीय नीतीश कुमार के परिजन भी अपने बच्चे के साथ पिछले 14 दिनों से सांसद निवास
मंे ठहरे हैं। नीतीश कुमार के पांव में चोट के बाद सूजन आ गई। पूर्णिया के निजी
डॉक्टर ने नीतीश को कैंसर बताया, लेकिन पटना में दिखाने पर डॉक्टरों ने जांच में
कैंसर से इंकार किया। लेकिन वहां भी इलाज में देरी होने की वजह से अब दिल्ली के
एम्स में नीतीश कुमार का इलाज चल रहा है। ये सुविधा केवल मनोज कुमार,
चंद्रद्रेव कुमार, नीतीश कुमार को ही नहीं
मिल रही है, बल्कि बिहार के पूर्णिया निवासी मुंह कैंसर से पीड़ित धनीक लाल
मंडल, पेट में गांठ की बीमारी से पीड़ित अमोल कामत, अररिया जिला के शाहिदा सहित
लगभग 300 से ज्यादा मरीज सांसद के ‘सेवाश्रम’ में ठहरे हुए हैं।
एम्स में रोजाना आते हैं 10 हजार मरीज-
बता दें कि एम्स में
रोजाना दस हजार के करीब इलाज के लिए आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने
और निवास की कमी की वजह से रात्रि में भारी तादाद में मरीजों को एम्स के बाहर
मैट्रो स्टेशन के पास पटरी पर ही रात बिताने को मजबूर होना पड़ता है। अधिकांश
मरीजों और उनके परिजनों को इलाज से ज्यादा अस्पताल के बाहर रहने और खाने-पीने में
ज्यादा धनराशि खर्च करना पड़ता है। ऐसे में यदि मरीजों को रहने और सस्ता भोजन मिल
जाए, तो अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों की समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएगी।
यहां कर सकते हैं फोन-
1.पूर्णिया, बिहार-
रंजन निकेतन, कोर्ट स्टेशन
रोड, जिला-पूर्णिया, बिहार
फोन नंबर-06454-227479,
227922
2.दिल्ली
11-ए, बलवंत राय मेहता
लेन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली







