बलिराम
सिंह, नई दिल्ली
फिल्म
अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की संस्था ’द लिव, लव, लाॅफ फाउंडेशन’ लोगों
को मानसिक रूप से पीड़ित मरीजों के प्रति संवेदनशील बनाएगा। इस बाबत फाउंडेशन ने ’दोबारा
पूछो’ नाम से एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान को देश का पहला राष्ट्रीय
स्तर का पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन बताया जा रहा है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर
पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्रत्री अनुप्रिया पटेल की उपस्थिति
में इस अभियान को शुरू किया गया।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा
कि मानसिक रोगों की बढ़ती समस्याएं ध्यान मांगती हैं। सरकार इन समस्याओं को दूर करने
के लिए संसाधन विकसित और वितरित कर रही है। उन्होंने सिविल सोसायटी, कारपोरेशंस और
पेशेवरों को समस्याओं के हल और मुहिम को लगातार बनाए रखने के लिए अपना विशेष योगदान
देने की अपील की।
दीपिका पादुकोण ने इस मौके पर कहा कि
मानसिक रोगों का सामना कर रहे लोगों को प्रेम और सहायता की आवश्यकता होती है। इस संस्था
द्वारा शुरू किए गए ’दोबारा पूछो’ अभियान हमें मानसिक रोग से पीड़ित लोगों के प्रति
और ज्यादा संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करेगा, ताकि हम पीड़ितों की ओर ध्यान दें और
उचित कदम उठाने के लिए उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि इस
अभियान से सामाजिक कलंक को कम करने में बड़ी सफलता मिलेगी। इस मौके पर प्रसून जोशी ने
कहा कि अक्सर अभिवादन के रूप में पूछे जाने वाले सवाल से हमें व्यक्ति की समस्याओं
के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक 10 में से एक भारतीय अवसाद
और बेचैनी से प्रभावित है। इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष
डॉ.केके अग्रवाल भी उपस्थित थें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)
के मुताबिक 10 फीसदी भारतीय आबादी मानसिक रोगों से ग्रस्त है, उनमें से 80 फीसदी डिप्रैस्सड
या बेचैनी से पीड़ित हैं, जबकि शेष 20 फीसदी गंभीर मानसिक समस्या जैसे साईकोसिस, बायोपोरडिस
आर्डर, सिजोफ्रेनिया इत्यादि से पीड़ित हैं। आंकड़े के मुताबिक 2013 में भारत में मानसिक
बीमारी की वजह से 31 मिलियन लोगों ने स्वस्थ जीवन खो दिया। वर्ष 2025 तक यह अनुमान
38.1 करोड़ तक पहुंच जाएगी। अर्थात 12 सालों में 23 फीसदी की वृद्धि होगी।

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